आपके ना रहने का ख्याल ही, आज मुझे सता रही हैं,
पापा आज आपकी याद, मुझे बहुत आ रही है,
"क्योंकि" मेरे चेहरे का नूर थे आप,
मेरे ही गुरुर थे आप,
मेरे लिए बहुत खाश थे आप,
मेरे तकलीफों में हमेशा, मेरे पास थे आप,
मेरे दिल के अरमान और मेरे जान थे आप
मेरे शारुख, सलमान और आमिर खान, थे आप
पर अब आप नहीं हो तो, मुझे कोई सहीं राह दिखाने वाला नहीं हैं,
क्या हैं सहीं, और क्या हैं गलत, अब इसका फर्क मुझे बताने वाला नहीं हैं,
पापा मुझे याद हैं, आपने मेरे नखरों को कैसे सहा है,
और मेरे तकलीफों में मुझे कैसे संभाला है,
इन रिस्तेदारों के ताने सुन कर
अपने मुझे किस तरह पाला है,
पापा मुझे याद है, जब खाने को खाना और पीने को पानी नहीं था,
पर आपने कभी मुझे भूखा सुलाया नहीं था
पापा मुझे ये भी याद है,
आपके पैरों में था घिसा हुआ चप्पल,
पर आपने मुझे नया जूता दिलाया था,
आपके घुटनों में थे बेहद दर्द,
फिर भी मुझे अपने कंधे पे बिठाकर सारा मेला घुमाया था,
पर अब दिन तो दिन हैं, अब रात भी ढल रही है,
पापा आपकी कमी अब bahut खल रही हैं,
पापा आपके बिना मेरे जिस्म में जान नहीं हैं,
और आपके बिना मेरी कोई पहचान नहीं हैं,
पापा आप नहीं है, तो मेरी जिंदगी में भी कुछ खाश नहीं है,
क्योंकि भगवान का दिया हुआ, वो फरिश्ता जो अब मेरे पास नहीं हैं
अगर मैं कुछ भी करने के लिए आगे बढ़ता हूँ, दुनिया वाले ये बोल कर मुझे गिरा देते है,
तू अकेला क्या करेगा, तेरा तो बाप नहीं हैं,
आपके ना रहने का ख्याल ही, आज मुझे सता रही हैं,
पापा आज आपकी याद, मुझे बहुत आ रही है,
पापा आज आपकी याद, मुझे बहुत आ रही है,
"क्योंकि" मेरे चेहरे का नूर थे आप,
मेरे ही गुरुर थे आप,
मेरे लिए बहुत खाश थे आप,
मेरे तकलीफों में हमेशा, मेरे पास थे आप,
मेरे दिल के अरमान और मेरे जान थे आप
मेरे शारुख, सलमान और आमिर खान, थे आप
पर अब आप नहीं हो तो, मुझे कोई सहीं राह दिखाने वाला नहीं हैं,
क्या हैं सहीं, और क्या हैं गलत, अब इसका फर्क मुझे बताने वाला नहीं हैं,
पापा मुझे याद हैं, आपने मेरे नखरों को कैसे सहा है,
और मेरे तकलीफों में मुझे कैसे संभाला है,
इन रिस्तेदारों के ताने सुन कर
अपने मुझे किस तरह पाला है,
पापा मुझे याद है, जब खाने को खाना और पीने को पानी नहीं था,
पर आपने कभी मुझे भूखा सुलाया नहीं था
पापा मुझे ये भी याद है,
आपके पैरों में था घिसा हुआ चप्पल,
पर आपने मुझे नया जूता दिलाया था,
आपके घुटनों में थे बेहद दर्द,
फिर भी मुझे अपने कंधे पे बिठाकर सारा मेला घुमाया था,
पर अब दिन तो दिन हैं, अब रात भी ढल रही है,
पापा आपकी कमी अब bahut खल रही हैं,
पापा आपके बिना मेरे जिस्म में जान नहीं हैं,
और आपके बिना मेरी कोई पहचान नहीं हैं,
पापा आप नहीं है, तो मेरी जिंदगी में भी कुछ खाश नहीं है,
क्योंकि भगवान का दिया हुआ, वो फरिश्ता जो अब मेरे पास नहीं हैं
अगर मैं कुछ भी करने के लिए आगे बढ़ता हूँ, दुनिया वाले ये बोल कर मुझे गिरा देते है,
तू अकेला क्या करेगा, तेरा तो बाप नहीं हैं,
आपके ना रहने का ख्याल ही, आज मुझे सता रही हैं,
पापा आज आपकी याद, मुझे बहुत आ रही है,
Ambani Jitna Agar Ameer Bhi Bann Jaunga,

Lovely man🔥🔥
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