Two Liner Hindi Poetry

Two Liner Hindi Poetry

Written By: Ram Bisai

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Saturday, July 31, 2021

ऐ दोस्त..

July 31, 2021 1
ऐ दोस्त..

 ऐ दोस्त..

हम इतनी जल्दी क्यों बड़े हो गए,


अपने पैरों पर क्यों खड़े हो गए,


कितना खूबसूरत था वो मंजर अपना,

ना था कोई गम, ना था कुछ पाने का सपना,


नदी के उस पार से, छलांग लगाकर आये थे,

मन में लिए डर, और कंधे पर बैग टांगकर आये थे,


पहली बार तूने ही दोस्ती का हाथ बढ़ाया था,

और मुझे गले से लगाया था,


पहले तो बेवजह ही मुलाकात किया करते थे,

नुक्कड़ पर चाय सब साथ पिया करते थे,


अब कन्हा पहले की तरह मुलाक़ात होती

सिर्फ ऑनलाइन पे ही अब बात होती हैं


तूने ही तो ज़िन्दगी का अहेमियत बताया है मुझे,

हर तक़लीफ़ से लड़ना भी सिखाया हैं मुझे,


तेरे होते हुए मेरे अंसुओं को, पोछना नहीं पड़ता मुझे,

एक तू ही हैं, जिसे कुछ कहने से पहले  सोचना नहीं पड़ता मुझे,


तेरे साथ वो पल बिताना, मेरे लिए कितना खाश होता है,

मुझे हो कोई तकलीफ तो, तू भी कितना परेशान होता हैं,


वक़्त के साथ साथ अब दूरियां बढ़ गयी है,

क्योंकि अब थोड़ी जिम्मेदारियों का बोज कंधों पर पड़ गयी है,

Wednesday, July 21, 2021

वो मेरे हमसफ़र

July 21, 2021 3
वो मेरे हमसफ़र


 वो मेरे हमसफ़र

मेरे ज़िन्दगी में तुम आने से पहले

मुझे अपना तुम बनाने से पहले


बस इतना सा जान लेना तुम

मेरे इन बातों को थोड़ा मान लेना तुम 


वही करना जो मर्जी हो तेरे

बस तू मां को हमेशा खुश रखना, मेरे,


तेरा हर दुख दर्द में झेलूंगा,

तेरे साथ हर खेल भी खेलूंगा


मां के कामो में कभी हाथ तो  बटाया नही,

मगर तेरे लिए मैं रोटीयां भी बेलूँगा....


जो तुझे पसंद ना हो, वो कभी मैं करूँगा नहीं

बेवज़ह मैं तुझसे, कभी लड़ूंगा नहीं


कभी तमको आये गुस्सा तो, गुस्सा मुझपे झाड़ देना तुम

मगर मेरे मां को, बहुत प्यार देना तुम


कभी हो जाये कोई गलती तो, तुम माफ कर देना,

रह जाए कोई बात दिल मे, दिल से उसे तुम साफ कर देना,


तेरा हर ज़िद हर नखरे सहूंगा मैं,

कभी गुस्से में, कुछ नहीं कहूंगा मैं


पहाड़ नहीं , पहाड़ की चोटी बनना तुम

मेरे मां की बहू नहीं , एक बेटी बनना तुम,


जिनती भी बार हो गलती तुमसे, मेरे तरफ से तुमको माफी हैं,

मेरे मां को खुश रखना, मेरे लिए बस इतना ही काफी है


इस दुनिया के लोगों को,  एक पाठ सीखाना तुम ,

बहु बेटी भी बन सकती हैं, बस यह कर दिखाना तुम..


 वो मेरे हमसफ़र

मेरे ज़िन्दगी में तुम आने से पहले

मुझे अपना तुम बनाने से पहले


बस इतना सा जान लेना तुम

मेरे इन बातों को थोड़ा मान लेना तुम 

Saturday, June 26, 2021

लड़की को ही नहीं , एक लड़के को भी अपना घर छोड़ना पड़ता है

June 26, 2021 0
लड़की को ही नहीं , एक लड़के को भी अपना घर छोड़ना पड़ता है

ज़िन्दगी में गिर गिर कर संभलना पड़ता हैं,

हर तक़लीफ़ से लड़ना पड़ता है,

जब घर में हो परेशानी, तो अपने ख़्वाइसो को मारना पड़ता हैं

चंद रुपया कमाने के लिए, एक लड़के को भी अपना घर छोड़ना पड़ता हैं,

माँ का लाड़ पापा का प्यार से दूर रहना पड़ता है,

दूर रहकर आसुंओं से अपना पेट भरना पड़ता है,

चंद रुपया कमाने के लिए , एक लड़के को भी अपना घर छोड़ना पड़ता हैं,

ज़िन्दगी में हर गम हँस कर सहना पड़ता है,

गर पूछे कोई हाल तो, मैं ठीक हूँ यही कहना पड़ता है,

ना जाने ज़िन्दगी में क्या क्या करना पड़ता हैं,

चंद रुपया कमाने के लिए, एक लड़के को भी अपना घर छोड़ना पड़ता हैं,

Tuesday, June 23, 2020

I MISS YOU PAPA

June 23, 2020 1
I MISS YOU PAPA
आपके ना रहने का ख्याल ही, आज मुझे सता रही हैं,
पापा आज आपकी याद, मुझे बहुत आ रही है,

"क्योंकि" मेरे चेहरे का नूर थे आप,
मेरे ही गुरुर थे आप,

मेरे लिए बहुत खाश थे आप,
मेरे तकलीफों में हमेशा, मेरे पास थे आप,

मेरे दिल के अरमान और मेरे जान थे आप
मेरे शारुख, सलमान और आमिर खान, थे आप

पर अब आप नहीं हो तो, मुझे कोई सहीं राह दिखाने वाला नहीं हैं,
क्या हैं सहीं, और क्या हैं गलत, अब इसका फर्क मुझे बताने वाला नहीं हैं,

पापा मुझे याद हैं, आपने मेरे नखरों को कैसे सहा है,
और मेरे तकलीफों में मुझे कैसे संभाला है,

इन रिस्तेदारों के ताने सुन कर
 अपने मुझे किस तरह पाला है,

पापा मुझे याद है, जब खाने को खाना और पीने को पानी नहीं था,
पर आपने कभी मुझे भूखा सुलाया नहीं था

पापा मुझे ये भी याद है,
आपके पैरों में था घिसा हुआ चप्पल,
पर आपने मुझे नया जूता दिलाया था,

आपके घुटनों में थे बेहद दर्द,
फिर भी मुझे अपने कंधे पे बिठाकर सारा मेला घुमाया था,

पर अब दिन तो दिन हैं,  अब रात भी ढल रही है,
पापा आपकी कमी अब bahut खल रही हैं,

पापा आपके बिना मेरे जिस्म में जान नहीं हैं,
और आपके बिना मेरी कोई पहचान नहीं हैं,

पापा आप नहीं है, तो मेरी जिंदगी में भी कुछ खाश नहीं है,
क्योंकि भगवान का दिया हुआ, वो फरिश्ता जो अब मेरे पास नहीं हैं
अगर मैं कुछ भी करने के लिए आगे बढ़ता हूँ, दुनिया वाले ये बोल कर मुझे गिरा देते है,

तू अकेला क्या करेगा, तेरा तो बाप नहीं हैं,

आपके ना रहने का ख्याल ही, आज मुझे सता रही हैं,
पापा आज आपकी याद, मुझे बहुत आ रही है,

Ambani Jitna Agar Ameer Bhi Bann Jaunga,
Par Aap Ka Karz Kabhi Na Chuka Paunga...

written by: Ram Bisai

Saturday, August 17, 2019

हमारी गलियों में आना छोड़ दो

August 17, 2019 0
हमारी गलियों में आना छोड़ दो
कुबूल करता हूँ गलती अपनी, अब तो तुम मुझे रुलाना छोड़ दो..
अपनी इन नशीली आँखों से हर किसी को जाम पिलाना छोड़ दो..
मैं भी भूल जाऊंगा तुमको तुम्हारी तरह...
बस तुम, हमारी गलियों में आना छोड़ दो

Wednesday, July 31, 2019

फिर भी लव यू बोला करती थी...

July 31, 2019 0
फिर भी लव यू बोला करती थी...
मैं जब भी उसे मिलने को कहता था, वो कल पे टाल दिया करती थी,
प्यार तो था नहीं, फिर भी लव यू बोला करती थी...

मेरे पास अब कुछ देने को बचा भी नहीं...

July 31, 2019 0
मेरे पास अब कुछ देने को बचा भी नहीं...
जख्म बढ़ते जा रहे हैं, पुरानो पे अभी मरहम लगा भी नही,
ये ज़िन्दगी बता तुझे क्या चाहिए, मेरे पास अब कुछ देने को बचा भी नहीं..