हमारी गलियों में आना छोड़ दो - Two Liner Hindi Poetry

Written By: Ram Bisai

Saturday, August 17, 2019

हमारी गलियों में आना छोड़ दो

कुबूल करता हूँ गलती अपनी, अब तो तुम मुझे रुलाना छोड़ दो..
अपनी इन नशीली आँखों से हर किसी को जाम पिलाना छोड़ दो..
मैं भी भूल जाऊंगा तुमको तुम्हारी तरह...
बस तुम, हमारी गलियों में आना छोड़ दो

No comments:

Post a Comment