मेरे पास अब कुछ देने को बचा भी नहीं... - Two Liner Hindi Poetry

Written By: Ram Bisai

Wednesday, July 31, 2019

मेरे पास अब कुछ देने को बचा भी नहीं...

जख्म बढ़ते जा रहे हैं, पुरानो पे अभी मरहम लगा भी नही,
ये ज़िन्दगी बता तुझे क्या चाहिए, मेरे पास अब कुछ देने को बचा भी नहीं..

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